ट्रेन में इलेक्ट्रिक चूल्हा या केतली का इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी, जेल और जुर्माने का है प्रावधान

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। रेलवे के मुताबिक ट्रेनों में मोबाइल और लैपटॉप के अलावा अन्य भारी इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग वर्जित है। नियमों का उल्लंघन करने पर यात्रियों को जेल की सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
अक्सर देखा जाता है कि यात्री सफर के दौरान इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन चूल्हा, हीटर या प्रेस जैसे हाई वोल्टेज उपकरणों का उपयोग करने लगते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक महिला द्वारा ट्रेन में केतली के जरिए मैगी बनाने का वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि इन उपकरणों से बिजली की खपत अधिक होती है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इससे ट्रेन की बिजली आपूर्ति और एसी सिस्टम भी खराब हो सकता है।
रेलवे एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई
यदि कोई यात्री ट्रेन में इलेक्ट्रिक चूल्हा या अन्य प्रतिबंधित उपकरण का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत छह महीने की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, यदि इस लापरवाही के कारण ट्रेन में आग लगने जैसी स्थिति बनती है या किसी की जान को खतरा होता है, तो धारा 154 के तहत दोषी को 2 साल तक की जेल हो सकती है।
सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन और आरपीएफ की तैनाती
रेलवे ने संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी के जवानों की तैनाती की है। किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के लिए यात्री 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी तत्काल सहायता ली जा सकती है। रेलवे ने अपील की है कि यदि कोई यात्री नियमों का उल्लंघन करता दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना स्टाफ को दें।



