बस्तर की संस्कृति भारत की आत्मा का जीवंत स्वरूप: अमित शाह

जगदलपुर। संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 के समापन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, हस्तशिल्प और कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की संस्कृति भारत की आत्मा का जीवंत स्वरूप है।
प्रदर्शनी के दौरान गृह मंत्री ने ढोकरा शिल्प, टेराकोटा, काष्ठ कला और जनजातीय वेशभूषा का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय व्यंजनों जैसे चापड़ा चटनी, तीखुर और वन औषधियों के स्टालों पर पहुंचकर जानकारी ली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर पंडुम जनजातीय संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है।
समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया। हजारों बच्चों ने जब हिंदी और हल्बी मिश्रित गीत ऐसा जादू है मेरे बस्तर में पर नृत्य किया, तो गृह मंत्री अमित शाह भावविभोर हो उठे और तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। बालिकाओं द्वारा किए गए मलखंभ प्रदर्शन की भी मंच से विशेष प्रशंसा की गई।
कार्यक्रम के अंत में गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता की 12 विभिन्न विधाओं के विजेताओं को सम्मानित किया। इनमें दंतेवाड़ा के गौर माड़िया नृत्य दल, सुकमा के नाट्य दल और कांकेर की चित्रकला सहित अन्य जिलों के प्रतिभावान कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट कला के लिए पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण सिंह देव सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



