लोकसभा में बिना प्रधानमंत्री के संबोधन के धन्यवाद प्रस्ताव पारित, 22 साल बाद दोहराया गया इतिहास

नई दिल्ली। बजट सत्र के सातवें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। यह प्रस्ताव 2004 के बाद पहली बार प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ। इससे पहले 10 जून 2004 को विपक्ष ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने नहीं दिया था।
गुरुवार को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने तीन बार कार्यवाही स्थगित की। पहली बार 65 सेकंड के भीतर, दूसरी बार 5 मिनट में और तीसरी बार 2 मिनट के भीतर कार्यवाही स्थगित की गई। कार्यवाही दोपहर 3 बजे फिर से शुरू हुई।
इस बीच कांग्रेस के लोकसभा से निलंबित सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि जब तक राहुल गांधी को अपनी बात रखने की इजाजत नहीं दी जाती, तब तक विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में बोलने नहीं देगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री आज शाम 5 बजे राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं।
विपक्ष ने पीएम मोदी की कुर्सी घेरकर हंगामा किया
बुधवार को लोकसभा में विपक्ष ने पीएम मोदी की कुर्सी घेर ली, जिसके बाद प्रधानमंत्री का भाषण टल गया। महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं, जिनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी शामिल थी। उनके हाथों में बैनर थे, जिन पर लिखा था “जो सही है, वो करो”। इसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
लोकसभा स्थगित, स्पीकर ने विपक्षी सांसदों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी
विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के हंगामे पर कहा कि “कल लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जो हुआ, वह सदन के इतिहास में कभी नहीं हुआ।” उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था, तो विपक्षी सांसद पीएम की सीट के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे, जिसे टालने के लिए उन्होंने पीएम से सदन में न आने का अनुरोध किया।
स्पीकर ने विपक्षी सांसदों से कहा, “अगर आप पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। महिला सदस्य ने पीएम की सीट तक पहुंचकर जो किया, वह उचित नहीं था और यह सदन की गरिमा के खिलाफ था।”
राज्यसभा में भी हंगामा
राज्यसभा में भी राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोकने के मुद्दे पर हंगामा हुआ। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब पर बोलने से रोका गया, और अब वह उस मुद्दे पर यहां बोलेंगे। इस पर उपसभापति ने खड़गे को रोक दिया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने खड़गे से कहा कि राहुल गांधी नियमों का पालन नहीं करते हैं, और उन्हें समझाना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी खड़गे से कहा कि राज्यसभा में लोकसभा के मुद्दे पर नहीं बोला जा सकता। हंगामे के बाद विपक्षी सांसद राज्यसभा से वॉकआउट कर गए।



