बिलासपुर: कांस्टेबल भर्ती में नियुक्ति पत्र जारी करने पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में आगे नियुक्ति पत्र जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू की एकल पीठ ने अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है।
मामले के अनुसार, वर्ष 2023 में लगभग 6000 कांस्टेबल पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से कोर्ट को बताया कि फिजिकल टेस्ट के दौरान व्यापक स्तर पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। डेटा रिकॉर्डिंग के लिए नियुक्त निजी एजेंसी टाइम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड पर आरोप है कि उसने निष्पक्षता नहीं बरती और पैसों के लेन-देन के माध्यम से अपात्र अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया।
सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि बिलासपुर पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट में भी फिजिकल टेस्ट में गड़बड़ियों और गलत डेटा दर्ज होने की बात स्वीकार की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 129 अभ्यर्थियों को गलत तरीके से अतिरिक्त अंक दिए गए और साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट किए गए। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पुलिस भर्ती नियम 2007 के अनुसार, अनियमितता पाए जाने पर पूरी प्रक्रिया रद्द कर नई भर्ती कराई जानी चाहिए।
कोर्ट को यह भी बताया गया कि यदि इस मामले की स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई से जांच कराई जाए, तो सभी जिलों में हुए बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है। अधिवक्ता की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक नियुक्ति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।



