आरोप राजनीति प्रेरित और निराधार, मेरी धार्मिक छवि बिगाड़ने की साजिश – बसंत अग्रवाल

पत्रकारवार्ता में बोले समाजसेवी बसंत अग्रवाल, कहा– जल्द भेजे जाएंगे कानूनी नोटिस...
रायपुर। समाजसेवी बसंत अग्रवाल ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें एक सोची-समझी, राजनीति से प्रेरित साजिश करार दिया है। मंगलवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी धार्मिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे वे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बसंत अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई हो। इससे पहले भी बिना तथ्य और प्रमाण के उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि जिन-जिन लोगों ने उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया है, उन्हें जल्द ही कानूनी नोटिस भेजा जाएगा।
“सनातन धर्म मेरे जीवन का आधार”
पत्रकारों से बातचीत में अग्रवाल ने कहा,
“मैं लंबे समय से धर्म और समाज सेवा के कार्यों से जुड़ा हूं। यही वजह है कि कुछ वामपंथी सोच वाले लोग मुझसे असहज हैं। सनातन संस्कृति या धर्मगुरुओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति उनके जीवन का मूल आधार है, और इसे बदनाम करने का हर प्रयास विफल होगा।
आरोप लगाने वालों पर भी उठाए सवाल...
बसंत अग्रवाल ने आरोप लगाने वाले व्यक्ति पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि संबंधित व्यक्ति संगवारी ढाबा की आड़ में अवैध शराब बिक्री जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है, जिस पर पुलिस द्वारा कार्रवाई भी की जा चुकी है।
इन लोगों को भेजा जाएगा लीगल नोटिस...
अग्रवाल ने बताया कि जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता पप्पू बंजारे, सीके नायक, सीजी बॉक्स न्यूज़ के देवेश तिवारी, आईबीसी 24 न्यूज़ रिपोर्टर संदीप शुक्ला, मिरर छत्तीसगढ़ न्यूज़ की सोमा देवांगन सहित जिन-जिन लोगों ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से उनकी छवि खराब की है, उन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया से अपील...
पत्रकारवार्ता के अंत में बसंत अग्रवाल ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि भ्रामक और एकतरफा खबरें प्रसारित करने से पहले तथ्यों की जांच जरूर करें, ताकि किसी की सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे।



