अधिक धान परिवहन के मामले में 13 राइस मिलें सील, मिलिंग पर रोक

मुंगेली। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत आईसीसीसी रायपुर से सतर्क एप के माध्यम से राइस मिलों में वाहन क्षमता से अधिक धान परिवहन किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संयुक्त जांच दल का गठन किया और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच के निर्देश दिए।
संयुक्त जांच दल द्वारा जिले की 13 राइस मिलों की जांच की गई। जांच के दौरान उपलेटा राइस मिल, हाजी राइस मिल, उपलेटा ट्रेडर्स, हाजी परबोइलिंग, एस.एस. फूड, नेशनल दाल मिल, नवकार दाल उद्योग, वर्धमान राइस मिल, जैन राइस इंडस्ट्रीज, वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज और जनता राइस मिल सहित अन्य मिलों में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित सभी 13 राइस मिलों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। साथ ही मिलिंग कार्य पर रोक लगाने के लिए संबंधित मिलर्स की मिल आईडी ब्लॉक करने और शेष धान उठाव के लिए जारी डीओ को निरस्त करने संबंधी पत्र उच्च कार्यालय को भेजा गया है।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी में पारदर्शिता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। धान खरीदी, भंडारण और परिवहन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन के निर्देशानुसार आगे भी सतत निगरानी और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
आईसीसीसी के माध्यम से धान खरीदी व्यवस्था की सतत निगरानी
राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मिलर्स द्वारा समितियों से धान उठाव का कार्य किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए आईसीसीसी कमांड सेंटर गठित किया गया है। इसके तहत धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है।
समिति से धान उठाव के बाद यदि कोई वाहन लंबे समय तक एक ही स्थान पर रुकता है, मार्ग परिवर्तन करता है या निर्धारित क्षमता से अधिक धान का परिवहन करता है, तो इसकी सूचना कमांड कंट्रोल पोर्टल पर ऑनलाइन प्रदर्शित होती है। इस सूचना के आधार पर जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है।
अवैध धान भंडारण और परिवहन को रोकने के लिए जिले की सीमाओं और चेक पोस्ट पर चौकसी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध वाहनों की परिवहन गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सभी आंतरिक चेक पोस्ट पर टीमों की तैनाती की गई है। निगरानी दल द्वारा रात्रिकालीन गश्त के साथ संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
कोचियों और बिचौलियों के माध्यम से अवैध रूप से धान खपाने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा शिकायत प्राप्त करने के लिए जिले में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से धान खरीदी, भंडारण और परिवहन की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है।



