धान खरीदी में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, जांच नाकों के चार प्रभारी कर्मचारियों को नोटिस

बलौदाबाजार। धान खरीदी के दौरान अवैध धान परिवहन और बिचौलियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिलेभर के जांच नाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को एसडीएम कसडोल आर.आर. दुबे एवं तहसीलदार विवेक पटेल ने अवरई और कुरकुटी जांच नाकों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर चार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच में सामने आया कि जांच नाकों पर तैनात कर्मचारियों द्वारा वाहनों की समुचित जांच नहीं की जा रही थी। आवश्यक दस्तावेजों की जांच, नियमित निगरानी और रजिस्टर संधारण में भी गंभीर खामियां पाई गईं। इस पर एसडीएम और तहसीलदार ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों को सतर्कता बरतने और नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें जांच चौकी प्रभारी अवरई प्रहलाद सिंह कैवर्त्य, जांच चौकी प्रभारी गिधौरी रविशंकर तिवारी, जांच चौकी प्रभारी रिकोकला आकाश पाटले और नरधा कुरकुटी नाका प्रभारी संजय नेताम शामिल हैं। सभी से खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक अवैध धान व्यापार के प्रकरणों और धान की आवक-जावक पर नियंत्रण से संबंधित जानकारी तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम आर.आर. दुबे ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच नाकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहीं से अवैध परिवहन तथा बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है। आगे भी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में एसडीएम बलौदाबाजार प्रकाश कोरी ने लवन तहसील अंतर्गत ग्राम पंडरिया स्थित चेक पोस्ट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों को प्रत्येक वाहन की सघन जांच करने, धान परिवहन से जुड़े दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन करने और रजिस्टर संधारण व रिपोर्टिंग में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि किसानों के हितों की रक्षा और धान खरीदी प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाए रखने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध धान परिवहन, भंडारण और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।



