एकल निविदा पर उठा विवाद: भिलाई नगर निगम पर पसंदीदा ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप

भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। इस बार 11 अलग-अलग कार्यों की निविदाओं को एक साथ जोड़कर एकल निविदा जारी किए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। इस निर्णय से डी और सी श्रेणी के ठेकेदारों के निविदा प्रक्रिया से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 11 स्थानों पर सार्वजनिक डोम शेड निर्माण के लिए करीब 2.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति शासन स्तर से दी गई थी। शासनादेश में सभी 11 कार्यों को अलग-अलग दर्शाया गया है, लेकिन नगर निगम भिलाई के अधिकारियों ने इन्हें अलग-अलग निविदाओं में आमंत्रित करने के बजाय एक ही सिंगल निविदा में शामिल कर दिया। इससे निगम की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय ठेकेदारों का आरोप है कि यह कदम किसी खास या पसंदीदा ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उनका कहना है कि यदि सभी कार्यों की निविदाएं अलग-अलग निकाली जातीं, तो अधिक संख्या में ठेकेदार भाग ले सकते थे और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से निगम को कम दरों पर बेहतर गुणवत्ता का कार्य मिलने की संभावना रहती।
जानकारों के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी पंजीयन नियमों के तहत डी श्रेणी के ठेकेदार एक करोड़ रुपये तक, सी श्रेणी के ठेकेदार दो करोड़ रुपये तक और बी श्रेणी के ठेकेदार दो से दस करोड़ रुपये तक के कार्यों में भाग लेने के पात्र होते हैं। 11 कार्यों को जोड़कर 2.30 करोड़ रुपये की एकल निविदा जारी करने से बड़ी संख्या में डी और सी श्रेणी के स्थानीय ठेकेदार स्वतः ही बाहर हो गए हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित होने की बात कही जा रही है।



