ईरान में आर्थिक संकट से उपजे प्रदर्शनों में मृतकों की संख्या 35 पहुंची, ट्रंप ने दी हस्तक्षेप की चेतावनी

नई दिल्ली। ईरान में आर्थिक संकट के कारण भड़के प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, हिंसा में अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है तथा 1200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। ये प्रदर्शन 2022 के महसा अमीनी मामले के बाद सबसे बड़े हैं।
प्रदर्शन ईरान की मुद्रा रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने और महंगाई बढ़ने से शुरू हुए थे। ये 31 प्रांतों में से 27 तक फैल चुके हैं तथा 250 से अधिक स्थानों पर हिंसक झड़पें देखी गई हैं। अमेरिका आधारित मानवाधिकार एजेंसी के अनुसार, मृतकों में 29 प्रदर्शनकारी शामिल हैं, जिनमें चार बच्चे भी हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रही तो अमेरिका उनके बचाव में आएगा। ट्रंप ने कहा, “यदि ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारता रहा तो हम उनके बचाव के लिए जरूर आएंगे।” हालांकि, अमेरिका की आगे की कार्रवाई स्पष्ट नहीं है।
प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में जून 2025 में ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन का युद्ध तथा अमेरिकी हवाई हमले शामिल हैं, जिन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था को और कमजोर किया। दिसंबर में रियाल के मूल्य में भारी गिरावट के बाद प्रदर्शन शुरू हुए। ईरानी सरकार ने हालात नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन प्रदर्शन जारी हैं।



