दुर्ग में हल्बा-हल्बी समाज के मिलन समारोह को मुख्यमंत्री साय ने संबोधित, शहीद गैंद सिंह नायक को याद किया

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन एवं राष्ट्र-समाज के नवनिर्माण में आदिवासी नायकों का अद्वितीय योगदान है। हल्बा-हल्बी एवं आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारत के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने देश में आजादी के आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद किया था। मुख्यमंत्री ने दुर्ग के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित 35वें मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस पर्व को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हल्बा समाज के युवाओं को आवासीय कोचिंग सुविधा के लिए 50 लाख रुपये तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। इस अवसर पर समाज की सामाजिक पत्रिका ‘समाज’ का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में आजादी के आंदोलन का सूत्रपात जनजातीय समाज के नायकों ने किया था। शहीद वीर नारायण सिंह एवं शहीद गैंद सिंह नायक सहित जनजातीय नायकों ने अंग्रेजों के खिलाफ 14 क्रांतियों का शंखनाद किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय उत्थान के लिए केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्रालय का गठन किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर रायपुर में जनजातीय नायकों की गाथाओं को संरक्षित करने हेतु विशाल आदिवासी संग्रहालय बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो वर्षों में सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की अधिकांश गारंटियां पूरी की हैं। महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को लाभ, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपये प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक तथा किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य दिया जा रहा है। 26 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास मंजूर किए गए हैं। नक्सलवाद अंतिम सांस ले रहा है तथा नियद नेल्ला नार योजना से 400 से अधिक गांवों में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का लक्ष्य है।
कार्यक्रम को सांसद विजय बघेल, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा एवं हल्बा-हल्बी समाज के प्रदेश अध्यक्ष खलेंद्र ने भी संबोधित किया। छत्तीसगढ़ राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष ललित चन्द्राकर, समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।



