बिना गलती की सजा? रायपुर में मदिरा दुकान कर्मचारियों की सैलरी से वसूली, चार महीने और कटौती का अल्टीमेटम…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शासकीय मदिरा दुकानों के कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। नवंबर माह की सैलरी में भारी कटौती के बाद कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल बिक्री और संचालन का कार्य करते हैं, लेकिन डैमरेज स्टॉक की पेनल्टी की वसूली उनकी जेब से की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार BIS कंपनी द्वारा नवंबर माह में सुपरवाइजर, सेल्समेन और मल्टी वर्कर की सैलरी से हजारों रुपये काट लिए गए हैं। यह कटौती सीधे-सीधे CSMCL द्वारा BIS कंपनी पर लगाए गए 80 लाख रुपये के पेनल्टी से जुड़ी बताई जा रही है।

कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि दुकानों में कौन-सा ब्रांड आएगा, कितना स्टॉक भेजा जाएगा, और कौन-सा माल बिकेगा या नहीं बिकेगा, इन सभी निर्णयों में उनकी कोई भूमिका नहीं होती। इसके बावजूद डैमरेज स्टॉक की जिम्मेदारी उन्हीं पर डाल दी गई है।
सबसे गंभीर बात यह है कि सरकारी ऐप में दर्शाई गई सैलरी और वास्तविक भुगतान में भारी अंतर है। कर्मचारियों के अनुसार यह नियमों का सीधा उल्लंघन है। पहले ही हर महीने छोटी-छोटी कटौतियां की जा रही थीं, अब एकमुश्त बड़ी राशि काटकर कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगाड़ दी गई है।
BIS कंपनी द्वारा यह भी कह दिया गया है कि यह कटौती यहीं खत्म नहीं होगी, बल्कि अगले चार महीनों तक कर्मचारियों की सैलरी में कटौती जारी रहेगी। इस घोषणा के बाद कर्मचारियों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि डैमरेज स्टॉक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और व्यवस्था पर कार्रवाई हो, न कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को दंडित किया जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और CSMCL इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।



