सरगुजा: अंधविश्वास के चलते पीलिया पीड़ित ने गला काटा, अस्पताल में मौत

सरगुजा, 22 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अंधविश्वास और समय पर इलाज न मिलने का दुखद मामला सामने आया है। पीलिया से पीड़ित अधेड़ व्यक्ति का परिवार डॉक्टर के बजाय झाड़-फूंक कराता रहा। बीमारी से परेशान होकर व्यक्ति ने चाकू से गला काट लिया। गंभीर रूप से घायल होने पर इलाज के दौरान अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अबू चंद यादव के रूप में हुई, जो मूल रूप से धरमजयगढ़ का निवासी था।
जानकारी के अनुसार, अबू चंद यादव पिछले दो वर्षों से बड़ी बहन के घर पत्थलगांव में रह रहा था। एक सप्ताह पहले उसे पीलिया की शिकायत हुई। परिजनों ने चिकित्सकीय उपचार के बजाय झाड़-फूंक और घरेलू टोटके अपनाए। हालत बिगड़ने पर कमजोरी, शारीरिक कष्ट और मानसिक परेशानी से तंग आकर रविवार को उसने चाकू से गला काट लिया। अत्यधिक रक्तस्राव से हालत गंभीर हो गई।
परिजन उसे पत्थलगांव अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक इलाज के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार, गले की नस कटने से अत्यधिक रक्तस्राव मौत का मुख्य कारण बना।
सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। परिजनों ने आशंका जताई कि पीलिया से लंबे समय तक राहत न मिलने से उसने आत्मघाती कदम उठाया।
डॉक्टरों ने बताया कि पीलिया लिवर से जुड़ा संक्रमण है, जो मुख्य रूप से हेपेटाइटिस ए या ई वायरस से होता है और दूषित पानी-भोजन से फैलता है। समय पर जांच और उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सरगुजा और आसपास के क्षेत्रों में पीलिया जैसी बीमारियों में झाड़-फूंक की प्रवृत्ति अभी भी है। यह अंधविश्वास मरीज की हालत गंभीर कर देता है और कई मामलों में जान तक ले लेता है। यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि बीमारी में अंधविश्वास छोड़कर वैज्ञानिक चिकित्सा को प्राथमिकता दें।



