आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को नया शपथ पत्र देने के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों की अव्यवस्थाओं को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर कड़ा रुख अपनाया है। डिवीजन बेंच ने मुख्य सचिव को नया शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की खंडपीठ में हुई। अगली सुनवाई 21 जनवरी को निर्धारित की गई है। यह आदेश बिलासपुर और रायगढ़ जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट आने के बाद दिया गया।
मध्यान्ह भोजन और अन्य व्यवस्थाओं में लापरवाही को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, हाई कोर्ट ने 28 अक्टूबर 2025 को कोर्ट कमिश्नर अमियकांत तिवारी और ईशान वर्मा को दोनों जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। निरीक्षण के बाद प्रस्तुत रिपोर्ट में गंभीर कमियां उजागर की गई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर के मंगला क्षेत्र में बच्चों को परोसा जाने वाला भोजन खराब पाया गया। यह भी सामने आया कि भोजन आपूर्ति का काम कल्याणी स्व सहायता समूह से लेकर पहल स्वयंसेवी संस्था को दिया गया था, लेकिन सेंट्रल किचन में खाना बनने के बावजूद भोजन परोसने का काम पहले समूह के पुराने कर्मचारी ही करते पाए गए।
रायगढ़ जिले में भी आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं में बड़ी खामियां मिलीं, जिन पर कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्यौरा नए शपथ पत्र में प्रस्तुत किया जाए।
कोर्ट ने साफ किया है कि बच्चों से जुड़े पोषण और देखभाल जैसे संवेदनशील विषयों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



