राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जारी, अब तक 22.39 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। 14 नवंबर से शुरू हुई खरीदी में 5 दिसंबर को सुबह 10 बजे तक 22 लाख 39 हजार 433 मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है। अब तक 4 लाख 39 हजार 511 पंजीकृत किसानों ने अपनी उपज बेची है। किसानों को भुगतान के लिए मार्कफेड द्वारा 5,277 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। चालू खरीफ सीजन के लिए इस बार 27 लाख 30 हजार 96 किसानों का पंजीयन किया गया है, जिसमें कुल 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है।
राज्य के सभी जिलों में धान खरीदी सुचारू रूप से चल रही है। खरीदी के मामलों में महासमुंद जिला 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल के साथ पहले स्थान पर है। गरियाबंद जिले ने 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल खरीदी कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है, जबकि बिलासपुर जिला 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल खरीदी के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। कांकेर जिले में 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदा गया है, जिससे वह चौथे स्थान पर है। धमतरी और मुंगेली जिले भी 5 लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिलों की श्रेणी में शामिल हैं। सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, बालोद और कोण्डागांव में 4 लाख क्विंटल से अधिक खरीदी दर्ज की गई है।
अब तक किसानों को 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए जा चुके हैं, जबकि 8 दिसंबर के लिए 50 हजार 234 टोकन जारी हुए हैं। इस वर्ष शुरू की गई टोकन तुंहर ऐप आधारित ऑनलाइन व्यवस्था किसानों के लिए काफी सहुलियतपूर्ण साबित हो रही है। समितियों द्वारा की गई व्यवस्थाओं को लेकर किसान संतुष्ट हैं। राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा खरीदी केंद्रों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी निर्बाध रूप से चल रही है। सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी पूर्व में ही दे दी है, जिससे भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए। सभी खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए अधिकारियों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं।
बाहरी राज्यों से अवैध धान की आवक रोकने के लिए चेकपोस्टों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। मालवाहक वाहनों की औचक जांच भी लगातार जारी है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
किसानों का कहना है कि टोकन तुंहर ऐप की ऑनलाइन व्यवस्था से उन्हें टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में आसानी हो रही है। किसानों का मानना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मिली पारदर्शी व्यवस्था और समर्थन मूल्य ने उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाया है। सरकार अपनी घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य पर तथा कृषि उन्नति योजना के तहत 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है।



