छत्तीसगढ़ कांग्रेस में फिर उठी नेतृत्व परिवर्तन की मांग, रविंद्र चौबे का बयान बना सियासी चर्चा का विषय…

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में गुटबाजी और नेतृत्व पर सवाल लंबे समय से उठते रहे हैं। अब पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता रविंद्र चौबे के ताज़ा बयान ने एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस की सियासत को गर्मा दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस की कमान दोबारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंपी जानी चाहिए।
भूपेश बघेल को फिर से कमान सौंपने की मांग...
रविंद्र चौबे ने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को दोबारा मजबूत करना है तो यह तभी संभव है जब पार्टी का नेतृत्व भूपेश बघेल के हाथों में हो। उन्होंने मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की कार्यशैली पर भी अप्रत्यक्ष सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए बघेल का नेतृत्व जरूरी है।
पार्टी के भीतर बढ़ी बेचैनी...
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाईकमान दीपक बैज की तारीफ कर रहा है और वे लगातार पदयात्रा व जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए संगठन को मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं। चौबे का बयान सामने आते ही कांग्रेस के अंदर हलचल तेज हो गई है और भाजपा ने भी इसे राजनीतिक हमला करने का नया मौका मान लिया है।
अंदरूनी खींचतान या नेतृत्व संकट?
वरिष्ठ नेता का यह बयान कांग्रेस के भीतर उथल-पुथल का संकेत दे रहा है। एक तरफ दीपक बैज संगठन को सक्रिय रखने में जुटे हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के बड़े चेहरे ही नेतृत्व को चुनौतीपूर्ण स्थिति में खड़ा कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस के कई नेता चौबे की टिप्पणी से खुद को अलग दिखा रहे हैं।
2028 चुनाव पर टिकी निगाहें...
कांग्रेस में अलग-अलग गुट अब अपने-अपने प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे हैं। वहीं लगातार चुनावी हार से नेतृत्व की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि 2028 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस किसके नेतृत्व में मैदान में उतरेगी — क्या बघेल की वापसी होगी या कोई नया चेहरा सामने आएगा?