छत्तीसगढ़ के सात शहरों ने देश में लहराया स्वच्छता का परचम, बिल्हा बना सबसे स्वच्छ शहर…

रायपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी इस सर्वेक्षण में राज्य के सात नगरीय निकायों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

बिल्हा बना देश का सबसे स्वच्छ शहर (20 हजार से कम आबादी वर्ग में) बिल्हा नगर पंचायत ने छोटे शहरों की श्रेणी (20 हजार से कम आबादी) में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि बिल्हा की जनता और प्रशासन के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
बिलासपुर और कुम्हारी ने भी किया नाम रोशन...
तीन लाख से दस लाख की जनसंख्या वाले शहरों में बिलासपुर को देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ, वहीं 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों में कुम्हारी ने तीसरा स्थान हासिल किया है।
स्वच्छता सुपर लीग (SSL) में छत्तीसगढ़ के तीन शहर शामिल...
इस वर्ष पहली बार शामिल की गई स्वच्छता सुपर लीग श्रेणी में अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर ने जगह बनाई है। अंबिकापुर: 50 हजार से 3 लाख आबादी वर्ग, पाटन व विश्रामपुर: 20 हजार से कम आबादी वर्ग, यह सम्मान उन शहरों को मिला है, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार टॉप-3 में रहे हैं और इस वर्ष भी टॉप-20 में शामिल हुए।

रायपुर बना राज्य का 'प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर'
राजधानी रायपुर को इस वर्ष छत्तीसगढ़ का Promising Swachh City घोषित किया गया है, जो शहर की सतत प्रगति और प्रयासों को दर्शाता है।
राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री...
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित पुरस्कार समारोह में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इन नगर निकायों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने नगर निकायों के प्रतिनिधियों के साथ पुरस्कार ग्रहण किया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री तोखन साहू भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं...
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस गौरवशाली उपलब्धि के लिए सभी विजेता शहरों और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए प्रेरणा है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे निरंतर प्रयासों और जनभागीदारी का परिणाम बताते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में और भी अधिक छत्तीसगढ़ी शहर राष्ट्रीय मंच पर चमकेंगे।