BIS के तीन महारथी, आयोग्य होने के बावजूद बन बैठे एरिया मैनेजर, एमडी पिरन सिंह का मिल रहा भरपूर साथ…

रायपुर| छत्तीसगढ़ की अर्थ व्यवस्था को सुदृढ बनाने वाले विभाग या यूं कहें तो सरकारी खजाने को भरने में अपनी अहन भूमिका निभाने वाले आबकारी विभाग में ग्रहण छाए हुए हैं| विभाग में एक-एक कर नई-नई अनियमितताएं उजागर हो रहीं हैं फिर भी विभाग के आला अधिकारी खामोश बैठे हैं|
आबकारी विभाग की सहायक कंपनी BIS (बॉम्बे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड) के कर्मचारियों के नए नए कारनामे सामने आ रहे हैं| फिर भी आबकारी विभाग के आला अधिकारीयों के साथ-साथ कंपनी के बड़े अधिकारी भी मौन बैठे हैं|
जाने पूरा मामला…
BIS (बॉम्बे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड) के एरिया मैनजर राजा सारथी के कदम जिस जिस दुकान में पड़े सरकारी खजाने से रकम वैसे-वैसे उड़े…
बता दें की जब राजा सारथी के पास लालपुर के शराब दूकान का जिम्मा हुआ करता था तब भी लालपुर का शराब दूकान घटती के कर्ज तले दबा हुआ करता था… वहीं अब जब राजा सारथी के पास गंज स्थित शराब दूकान का प्रभार है तो यह दूकान भी लाखों की घटती का बोझ ढोने लगा| इसके अलावा राजा सारथी के ऊपर गंभीर आरोप लगे हैं आरोपों के अनुसार राजा सारथी शराब दुकान में कार्य करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति मोटी रकम की वसूली करता है विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजा सारथी प्रत्येक व्यक्ति 1 लाख रुपए की मोटी रकम वसूलत है वही इस मोटी रकम का हिस्सा बंटवारा भी तीन भागों में किया जाता है जानकारी के अनुसार 30-30 हज़ार रुपए तीन तीन हिस्सों में बैठते हैं अब यह कहना गलत नहीं होगा कि इन पैसों का हिस्सा BIS के एमडी पिरन सिंह को या आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी जाता है क्योंकि खबरें कई बार लगी और कार्रवाई एक बार भी नहीं हुई।
राजा के साथ अभिषेक शर्मा व अमित शर्मा के किस्से भी काफी चर्चित है राजा सारथी, अभिषेक शर्मा व अमित शर्मा तीनों अयोग्य है बावजूद इसके आज एरिया मैनेजर के पद पर काबिज है। आपका दिन नियमों की माने तो जो व्यक्ति स्नातक की डिग्री हासिल कर चुका है उसे ही एरिया मैनेजर बनाया जाना चाहिए लेकिन विशेष सूत्रों की माने तो यह तीनों तो ढंग से 12वीं क्लास भी पास नहीं कर पाए हैं फर्जी डिग्री फर्जी निवास प्रमाण पत्र के सहारे यह तीनों आज एरिया मैनेजर के पद पर काबिज है। बता दे कि आबकारी नियम के अनुसार जो व्यक्ति छत्तीसगढ़ का स्थायी निवासी है उसे ही कार्य पर रखने का प्रावधान है लेकिन यहां तो BIS कंपनी के एमडी पिरन सिंह की लीला अपरंपार है। विशेष सूत्रों की माने तो सभी के जाली दस्तावेज बनवाकर यह तीनों आज एरिया मैनेजर के पद पर काबिज है अपने और मासिक महानताना के साथ-साथ ऊपरी मलाई भी सफाचट कर रहे हैं। अब इस ऊपरी मलाई का हिस्सा बंटवारा कहां-कहां किया जाता है यह तो यह तीनों ही बता सकते हैं या फिर इनका भगवान ही मालिक है।
इस मामले की शिकायत आबकारी उपयुक्त रामकृष्ण मिश्रा से लेकर आबकारी एचडी श्याम धावडे तक की जा चुकी है लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ और सिर्फ इन अधिकारियों के द्वारा खाना पूर्ति ही की जा रही है अब तो ऐसा महसूस हो रहा है कि सभी के सभी अधिकारी जो हैं वह इन सभी कृतियों मे संलिप्त है। शायद यही कारण है कि इन तीनों पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई आज तक नहीं हो पाई और यह तीनों खुला सांड की तरह लोगों के पैसों को डकार रहे हैं।



ताजा मामला सस्त्री मार्केट स्थित शराब दूकान का ही है| जानकारी के अनुसार अभिषेक शर्मा ने इस दुकान में शुभम जांगडे को सुपरवाइजर के पद पर न्युक्त किया है| शुभम जांगडे यह वाही शक्श है जिसे पूर्व में तत्कालीन आबकारी अधिकारी प्रीती कुशवाहा ने कटोरा तलब स्थित शराब दुकान से बहरी शराब को बेचने के आरोप में बहार का रास्ता दिखाया था|
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक शर्मा ने शुभम जांगडे से 50 हज़ार रूपये की मोटी रकम लेकर उसे इस कार्य के लिए न्युक्त किया है| मिली जानकारी के अनुसार शास्त्री मार्केट के शराब दुकान में भी लाखों की घटती है। जानकारी के अनुसार शास्त्री मार्केट के इस शराब दुकान में लगभग 3 लाख से अधिक की घटती सामने आई है।
वहीं अब इस एरिया के एरिया मैनेजर इस घटती की रकम को वसूल कर सुपरवाइजर को बाहर का रास्ता दिखाकर नए सुपरवाइजर को बैठने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं अब बड़ा सवल यहां पर यह उठता है की क्या क्या आबकारी विभाग के अधिकारीयों की भी इसमें कोई मिली भगत होती है…? अगर हमारे सवालों का जवाब नहीं है तो ऐसे कर्मचारियों पर BIS कंपनी या आबकारी विभाग की गाज अब तक क्यों नहीं गिरी…? और अगर हमारे सवालों का जवाब हाँ है तो ऐसे अधिकारियों से आखिर कार कब और कौन छुटकारा दिलाएगा…?