गौरेला जनपद के 8 पंचायत सचिव निलंबित: 1.19 करोड़ रुपये के अनियमित भुगतान पर जिला पंचायत सीईओ की बड़ी कार्रवाई

रायपुर। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने गौरेला जनपद के 8 पंचायत सचिवों को 15वें वित्त आयोग मद से कुल 1 करोड़ 19 लाख 56 हजार रुपये के अनियमित भुगतान के मामले में निलंबित कर दिया है। गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित सचिवों का कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के विपरीत है। पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम 1999 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है।
निलंबित किए गए सचिवों में ग्राम पंचायत तेन्दुमुढ़ा के उमा शंकर उपाध्याय, नेवरी नवापारा के भैयालाल करसायल, ठाड़पथरा के नान्हूदास बघेल, आमाडोब के ओंकार भानू, पूटा के रतन सिंह, आमगांव के राधेश्याम मरावी, साल्हेघोरी के राजकुमार शर्मा और हर्राटोला के त्रिलोक सिंह शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय जनपद पंचायत गौरेला निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत तेन्दुमुढ़ा में 29 लाख 98 हजार 445 रुपये, नेवरी नवापारा में 26 लाख 13 हजार 200 रुपये, ठाड़पथरा में 23 लाख 26 हजार 700 रुपये, आमाडोब में 10 लाख 91 हजार 400 रुपये, पूटा में 10 लाख 72 हजार 378 रुपये, आमगांव में 6 लाख 40 हजार 182 रुपये, साल्हेघोरी में 6 लाख 69 हजार रुपये और हर्राटोला में 5 लाख 47 हजार 700 रुपये का अनियमित भुगतान संबंधित वेन्डरों को किया गया। प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के संकेत दिए हैं।



