इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतें, 30 साल पुरानी पानी की टंकी की भयावह घटना फिर आई चर्चा में

इंदौर के भागीरथीपुरा क्षेत्र में दूषित पानी कई लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ है। गंदा पानी पीने के कारण अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इस दर्दनाक घटना के बाद इंदौर में करीब 30 साल पहले हुई एक भयावह घटना एक बार फिर चर्चा में आ गई है, जब लोग अनजाने में सड़ी लाश मिले पानी को पीने के लिए मजबूर हो गए थे।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की मौत के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, इंदौर के सुभाष चौक क्षेत्र में तीन दशक पहले हुई घटना को याद कर आज भी लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
करीब 30 साल पहले इंदौर के इसी इलाके में अचानक गंदे पानी की आपूर्ति शुरू हो गई थी। पानी पीने के बाद लोगों को दस्त, उल्टी और बुखार की शिकायतें होने लगीं और बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए। लगातार शिकायतों के बाद जब पानी की टंकी की जांच की गई, तो सामने आया सच बेहद चौंकाने वाला था।
पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन के अनुसार, पानी की टंकी के भीतर एक सड़ी हुई लाश पाई गई थी, जो पूरी तरह गल चुकी थी और केवल उसका कंकाल पानी में तैर रहा था। इसी टंकी से पूरे इलाके में पानी की सप्लाई की जा रही थी, जिसके कारण लोग गंभीर रूप से बीमार हो रहे थे।
हालांकि उस समय किसी की मौत नहीं हुई थी, लेकिन मौजूदा घटना में भागीरथी कॉलोनी में दूषित पानी के कारण 15 लोगों की जान जा चुकी है। इसी वजह से तीन दशक पुरानी वह भयावह घटना एक बार फिर लोगों की जुबान पर आ गई है।



