APK फाइल खोलते ही उड़े 6.62 लाख: भोपाल की गृहणी साइबर ठगी का शिकार

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक गृहणी साइबर ठगी का शिकार हो गई। मोबाइल पर आई एक संदिग्ध APK फाइल खोलना महिला को भारी पड़ गया। फाइल खुलते ही साइबर ठगों ने मोबाइल का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया और कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से 6.62 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
यह मामला अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के सुंदर नगर का है। पीड़िता रेनू शर्मा ने पुलिस को बताया कि 16 जून को उनके मोबाइल पर एक APK फाइल आई थी। अनजाने में उन्होंने फाइल खोल ली। इसके बाद मोबाइल में मौजूद बैंकिंग ऐप और अन्य जरूरी जानकारी तक ठगों की पहुंच बन गई।
खाते से निकलने लगे पैसे, तब हुआ ठगी का पता
फाइल खुलने के कुछ समय बाद मोबाइल पर बैंक ट्रांजेक्शन के लगातार मैसेज आने लगे। परिवार के लोगों ने खाते की जांच की तो पता चला कि कुल 6.62 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि खाते में प्लॉट रजिस्ट्री के लिए करीब 15 लाख रुपये जमा थे।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने पुलिस और साइबर सेल से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने जारी की सावधानी की सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर या स्रोत से प्राप्त APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। ऐसी फाइलों में वायरस या हानिकारक सॉफ्टवेयर छिपे हो सकते हैं, जो मोबाइल और बैंकिंग डेटा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी Permissions जरूर जांचें। संदिग्ध लिंक, फाइल या मैसेज पर क्लिक करने से बचें। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।
भोपाल में सामने आया यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि मोबाइल पर आने वाली अनजान फाइलें आर्थिक नुकसान का बड़ा कारण बन सकती हैं।



